दर्जिनिया ताल मगरमच्छ संरक्षण केंद्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल, डीएम ने किया संयुक्त निरीक्षण
महराजगंज टाइम्स ब्यूरो:- जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा एवं वनाधिकारी निरंजन सुर्वे द्वारा संयुक्त रूप से निचलौल तहसील के वन क्षेत्र में स्थित दर्जिनिया ताल मगरमच्छ संरक्षण केंद्र का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य संरक्षण केंद्र को इको-टूरिज्म एवं आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना तथा उसके सुन्दरीकरण की संभावनाओं का आकलन करना रहा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दर्जिनिया ताल तक पहुंच मार्ग को सुगम बनाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क किनारे सुन्दरीकरण हेतु फूलों की व्यवस्था, ताल के किनारे पार्क की स्थापना, बैठने की समुचित व्यवस्था, झूले एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। निरीक्षण में ताल में पर्याप्त संख्या में मगरमच्छ विहार एवं बास्किंग करते हुए पाए गए। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि “जब तक पर्यटकों के बैठने, रुकने और समय बिताने के लिए बेहतर व्यवस्था नहीं होगी, तब तक पर्यटन का विकास संभव नहीं है। इसलिए टी-हाउस, रेस्ट हट, एक अच्छा पार्क, झूले एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है। इन सभी योजनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और यदि संभव हुआ तो थ्री-पीपीपी मॉडल के तहत भी विकास की कोशिश की जाएगी।” इसके पश्चात जिलाधिकारी ने निचलौल रेंज के बैठवलिया बीट अंतर्गत ग्राम सभा भेड़ियारी में तीन हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे मैत्री वन का निरीक्षण किया। यहां लगभग 400 पौधों का रोपण किया जा रहा है, जिसमें महोगनी, गुटेल, आम, अमरुद, कटहल, लीची, पाकड़, अर्जुन एवं औषधीय पौधे शामिल हैं। तत्पश्चात जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत झुलनीपुर में सीलिंग से निकली भूमि का भी निरीक्षण किया। इस अवसर पर डीएफओ, उपजिलाधिकारी निचलौल सिद्धार्थ, वन क्षेत्राधिकारी रामप्रवेश सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें : विधायक की पत्नी को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे सीएम, सुरक्षा के कड़े इंतजाम